स्मार्टफोन की RAM कैसे बढ़ाएं- Increase RAM with memory extension

क्या आपने कभी गौर किया है कि आपके फोनके अबाउट सेक्शन में रैम 8 GB+3 GB क्यों दिखाती है? और इसका मतलब क्या है? आजकल फिलहाल ज्यादातर फोन में यह फीचर देखने को मिलता है, जिसे मेमोरी एक्सटेंशन (memory extension) कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हम इस फीचर का इस्तेमाल करके फोन की रैम को कैसे बढ़ा सकते हैं?

आज के अनुच्छेद में हम चर्चा करेंगे कि How to Increase phone RAM , What is Memory Extension and what is Virtual RAM? हम इस फीचर का इस्तेमाल करके फोन की रैम कैसे बढ़ा सकते हैं और यह फीचर कैसे काम करता है इनके बारे मे.

स्मार्टफोन में Memory Extension क्या है?

आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां हमारे फोन में Memory Extension फीचर लागू कर रही हैं। इस फीचर को सबसे पहले आधिकारिक तौर पर Xiaomi के फोन में पेश किया गया था। हम Xiaomi डिवाइस की सेटिंग में जाकर इस Memory Extension फीचर को ऑन या ऑफ कर सकते हैं। अगर आपके फोन में 8 जीबी रैम है, तो आप इस फीचर के माध्यम से अतिरिक्त 3 जीबी रैम जोड़ सकते हैं, और अगर आपके पास 6 जीबी रैम वाला फोन है, तो आप अतिरिक्त 2 जीबी वर्चुअल मेमोरी जोड़ सकते हैं।

यह फीचर सबसे पहले कंप्यूटर में पेश किया गया था। जिन लोगों ने Linux Operating System का उपयोग किया है, वे निश्चित रूप से जानते होंगे कि Swap memory क्या है। हम swap memory का उपयोग करके अपने पीसी में अतिरिक्त रैम जोड़ते थे।

हो सकता है कि यह फीचर आपको नया लगे लेकिन इस फीचर का इस्तेमाल काफी समय से किया जा रहा है। पुराने जमाने में जिन लोगों के फोन में कम रैम होती थी, वे Root एक्सेस को इनेबल करके फोन की रैम बढ़ाने के लिए इंटरनल या एक्सटर्नल स्टोरेज का इस्तेमाल करते थे।

Virtual Memory क्या है?

Virtual Memory क्या है, यह जानने से पहले हमें यह जानना होगा कि memory क्या है और memory कितने प्रकार की होती है। आप में से बहुत से लोग नहीं जानते होंगे लेकिन memory आमतौर पर दो तरह की होती है। पहली Volatile memory और दूसरी Non-Volatile memory।

वोलेटाइल डेटा को तब तक स्टोर करती है जब तक इलेक्ट्रिसिटी रहता है, इस मेमोरी में डेटा स्टोर करने की प्रक्रिया अस्थायी होती है। नॉन-वोलेटाइल मेमोरी, वोलेटाइल से बिल्कुल विपरीत होती है। इस मेमोरी में इलेक्ट्रिसिटी न होने पर भी डेटा स्टोर करना संभव है। वोलेटाइल मेमोरी नॉन-वोलेटाइल मेमोरी से अधिक तेज होती है।

हमारे फोन में RAM एक प्रकार की वोलेटाइल मेमोरी होती है, और सिस्टम ROM यानी storage नॉन-वोलेटाइल मेमोरी होती है।

स्मार्टफोन का सीपीयू यानी प्रोसेसर सीधे रैम से डेटा एक्सेस कर सकता है लेकिन नॉन-वोलेटाइल मेमोरी से डेटा को एक्सेस नहीं कर सकता। यानी हमारे स्मार्टफोन में सभी प्रोसेस रैम में होते हैं। वोलेटाइल मेमोरी आमतौर पर अधिक महंगी होती है, यही वजह है कि फोन में जितनी ज्यादा रैम होती है, फोन उतना ही महंगा होता है।

इसलिए निर्माण कंपनियां Memory Extension फीचर जोड़ रही हैं ताकि हम अपने फोन पर अधिक एप्लिकेशन चला सकें। नीचे हमने एक उदाहरण के माध्यम से चर्चा की है कि Memory Extension फीचर कैसे काम करता है।

Memory Extension फीचर कैसे काम करता है?

मान लीजिए आपके फोन में 6 जीबी रैम है और आपने 1.5 जीबी वाले 4 एप्लिकेशन चला रहे हैं। अब अगर आप कोई नया एप्लिकेशन खोलना चाहते हैं, तो फोन का सीपीयू उन 4 एप्लिकेशन में से एक को बंद कर देता है और फिर नया एप्लिकेशन खोलेगा।

example How Memory Extension Feature Works

लेकिन अगर आप Memory Extension Feature का उपयोग करके अतिरिक्त 2 जीबी रैम जोड़ते हैं, इसके कारण , फोन की रैम 8 जीबी हो जाती है। तो प्रोसेसर उन 4 एप्लीकेशन में से एक एप्लीकेशन को नॉन-वोलेटाइल मेमोरी यानी इंटरनल स्टोरेज में स्थानांतरित कर देता है। जिससे अगर हम उस एप्लीकेशन को बाद में ओपन करने जाते हैं तो एप्लीकेशन पहले की तरह उसी अवस्था में खुल जाती है। इससे पर्फोमन्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है क्योंकि प्रोसेसर रैम से डेटा एक्सेस करता है।

निष्कर्ष

Memory Extension फीचर को हाल ही में पेश किया गया है। हम Memory Extension में जितनी ज्यादा रैम का इस्तेमाल करते हैं, फोन की स्टोरेज उतनी ही कम होती जाती है। आमतौर पर हम अपने फोन पर एक ही समय में 2,3 से अधिक एप्लिकेशन का उपयोग नहीं करते हैं।

आजकल ज्यादातर फोन में 6 GB और 8 GB RAM होते है। जिस वजह से इस फीचर का इस्तेमाल ज्यादा नहीं किया जाता है। हमारी राय में यह मेमोरी एक्सटेंशन फीचर बहुत उपयोगी है अगर यह कम रैम वाले फोन मे दिया जाता हे तो। क्योंकि अगर फोन में 6 जीबी रैम है तो हमें नहीं लगता कि प्रोसेसर एक बार में 6 जीबी रैम का इस्तेमाल कर सकता है।

इसलिए अगर 2 जीबी, 4 जीबी रैम वाले फोन में यह फीचर दिया जाता तो यह काफी काम का फीचर होता। क्योंकि इस फीचर को इस्तेमाल करने के बाद हमें परफॉर्मेंस में ज्यादा अंतर नजर नहीं आया। हम आशा करते हैं आपको समझ पाए कि What is Memory Extension and Virtual RAM।

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